flashback-2004-india-tour-in-australia-team-india-perform-well-in-sourav-ganguly-captaincy-3गांगुली का दिखा था सेनापति अवतार- ब्रिसबेन के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बैटिंग करते हुए जस्टिन लैंगर के 121 रनों की बदौलत 323 रन बनाए थे. गांगुली ने 144 रन की पानी खेलकर वीवीएस लक्ष्मण (75 रन) के साथ साझेदारी करके टीम को मुश्किल घड़ी से बाहर निकाल ले गए. गांगुली की इस पारी की बदौलत टीम इंडिया पहली पारी में 409 रन बना पाई.

राहुल द्रविड़ ने दुनिया को सिखाया कैसे हारेंगे कंगारू- 2003-04 की सीरीज में द्रविड़ के 233 और लक्ष्मण के 148 रन की बदौलत टीम इंडिया ने 523 रन बनाए. मैच की चौथी पारी में राहुल द्रविड़ ने 72 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया को 4 विकेट से जीत दिला दी.

सहवाग ने की कंगारू बॉलरों की धुनाई- 2003-04 में मेलबर्न में खेले गए तीसरे मैच में सहवाग ने 195 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली. इस पारी में वीरू ने 25 चौके और 5 छक्के जमाए. वह छक्का जमाने के फेर में ही अपना विकेट भी गंवाए. चौथे मैच में सहवाग ने 72 और 47 रनों बनाए थे. इन सभी पारियों में सहवाग का स्ट्राइक रेट 80 से ज्यादा का रहा. इन पारियों की बदौलत सहवाग ने जता दिया था कि ऑस्ट्रेलियाई बॉलर अलग नहीं हैं, उनकी भी धुनाई की जा सकती है.

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कैसे भूला जा सकता है लक्ष्मण का क्लास- पहले मैच में जब गांगुली ने मोर्चा संभाल तो लक्ष्मण (75 रन) उनके छोटे भाई की भूमिका में दिखे. दूसरे मैच में राहुल द्रविड़ ने 233 रनों की पारी खेली तो दूसरे छोर से लक्ष्मण ने 148 रन बनाए थे. दूसरी पारी में भी लक्ष्मण ने 32 रन बनाए थे. तीसरे मैच में असफल होने के बाद टीम के लक्ष्मण ने चौथे मैच की पहली पारी में 148 रनों की पारी खेलकर अपने क्लास का एक और नमूना पेश किया था.

आखिर में सचिन ने दिखाई अपनी महानता- आखिरी मैच में सचिन तेंदुलकर ने 241 रनों की पारी खेलकर अपनी महानता साबित की. इस पारी में सचिन 33 चौके जमाए. उन्होंने एक बार फिर से ऑस्ट्रेलियाई बॉलरों की गेंदों को जहां चाहा वहां बाउंड्री के पार भेजा. सचिन की इस पारी और लक्ष्मण (178 रन) की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने पहली पारी में 705 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर पाया.

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