कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी ने पीएनबी मामले में फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा। राहुल ने ट्वीट किया, “पहले ललित, फिर माल्या, अब नीरज भी हुआ फरार। कहां है ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा कहने वाला चौकीदार।” बता दें कि पीएनबी में 11356 करोड़ के फ्रॉड केस को लेकर राहुल गांधी प्रधानमंत्री पर चुप रहने का आरोप लगा चुके हैं।

क्या ट्वीट किया राहुल गांधी ने?

– राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “पहले ललित, फिर माल्या, अब नीरव भी हुआ फरार। कहां है ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा कहने वाला देश का चौकीदार? साहेब की खामोशी का राज जानने को जनता बेकरार, उनकी चुप्पी चीख-चीखकर बताए वो किसके हैं वफादार।”

इससे पहले मोदी पर राहुल ने क्या कहा?

1) एग्जाम पर 2 घंटे स्पीच, बैंक स्कैम पर 2 मिनट नहीं बोलते

राहुल ने रविवार को एक ट्वीट किया। इसमें नरेंद्र मोदी के साथ ही फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली पर भी तंज कसा। राहुल ने कहा- एग्जाम में कैसे पास हों, इस पर प्रधानमंत्री बच्चों को 2 घंटे की स्पीच देते हैं। लेकिन, 22 हजार करोड़ रुपए के बैंक स्कैम पर वो 2 मिनट भी नहीं बोलते।

2) जेटली छिप रहे हैं

– रविवार को ही ट्वीट में राहुल ने जेटली पर सवाल उठाया और कहा- अरुण जेटली छुप रहे हैं। किसी दोषी की तरह व्यवहार करना बंद कीजिए। अब तो बोलिए।

3) पीएमओ को सबकुछ पता था

– शनिवार को कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा था, “क्या हुआ, क्यों हुआ और मोदी जी इस पर क्या कदम उठा रहे हैं। सुनने में मिला है कि पीएमओ को सबकुछ पता था। नीरव मोदी के 22 हजार करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी सरकार को पहले से थी। पीएम नरेंद्र मोदीजी और वित्त मंत्री को इसका जवाब देना होगा।”

कांग्रेस ने पूछे थे 4 सवाल

– कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नीरव मोदी केस में मोदी सरकार से 4 सवाल पूछे थे।

1. “नीरव मोदी कौन हैं? ये नया #मोदीस्कैम है?”

2. “क्या नीरव मोदी को ललित मोदी और विजय माल्या जैसे देश से बाहर जाने के लिए सरकार के अंदर से मदद मिली?”

3. “क्या ये नियम बन गया है कि जनता का पैसा लेकर भाग जाएं?”

4. “26 जुलाई 2016 को इस बारे में मालूम चलने के बाद पीएम ने एक्शन क्यों नहीं लिया?”

क्या है 11356 करोड़ का पीएनबी फ्रॉड केस?

– पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले दिनों सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,356 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। घोटाले को पीएनबी की मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में अंजाम दिया गया। शुरुआत 2011 से हुई। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई।

– हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी। इन दोनों ने गोकुलनाथ शेट्टी के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया।

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