तिरुवनंतपुरम. केरल में जल्द ही मैनहोल (सीवर) की सफाई के लिए रोबोट लगाए जाएंगे। केरल जल प्राधिकरण (KWA) की मैनेजिंग डायरेक्टर ए शायनामोल ने कहा कि कुछ ही दिनों पहले इन रोबोट्स का ट्रायल किया गया था। उन्होंने कहा, “रोबोट्स की लॉन्चिंग तिरुवनंतपुरम में अगले हफ्ते की जाएगी।” इन रोबोट्स को स्टार्टअप कंपनी जेनरोबोटिक्स ने बनाया है। इसमें निर्देश लेने के लिए ब्लूटूथ, वाई-फाई और कंट्रोल पैनल दिया गया है। इसके अलावा कूड़ा उठाने के लिए रोबोट में हाथ-पैर और सामने एक बकेट (बाल्टी) भी लगाई गई है।

किस तरह शुरू हुआ ये प्रोजेक्ट?

– इस प्रोजेक्ट के लिए केरल जल प्राधिकरण ने स्टार्टअप कंपनी की मदद की थी। पाइपों के लीकेज और सफाई से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए प्राधिकरण ने राज्य के स्टार्टअप मिशन साथ भी हाथ मिलाया है।
– शायनामोल ने लॉन्चिंग का एलान करते हुए कहा, “हम स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में मदद करना चाहते हैं। अब जब राज्य सरकार की फंडिंग से रोबोट्स तैयार हो चुके हैं, हम इन्हें अगले हफ्ते लॉन्च कर देंगे।

इस प्रोजेक्ट का मकसद क्या है?

– शुरूआती दौर में रोबोट को सिर्फ तिरुवनंतपुम में ही लॉन्च किया जाएगा, जहां करीब 5 हजार मैनहोल हैं।
– जेनरोबोटिक्स कंपनी के सीईओ विमल गोविंद के मुताबिक, “रोबोट को अलग-अलग इंजीनियरिंग स्ट्रीम के 9 युवाओं ने मिलकर बनाया है। रोबोट बनाने के लिए लोगों ने अपनी-अपनी नौकरियां तक छोड़ दी थीं, ताकि मैला ढोने जैसी प्रथा को खत्म किया जा सके।”

क्या-क्या कर सकते हैं रोबोट्स?

– एक रोबोट 1 घंटे में चार मैनहोल्स साफ कर सकता है। इस दौरान काम पूरा करने में कोई रुकावट भी नहीं देखी गई।
– रोबोट सेमी-ऑटोमैटिक होंगे जिसका मतलब ये है कि इन्हें चलाने के लिए एक ऑपरेटर की जरूरत होगी।
– ये रोबोट्स अंग्रेजी में कमांड्स देने पर काम करेंगे। हालांकि, इसको स्थानीय भाषा में भी बदला जा सकता है, ताकि ऑपरेटर्स को इसे चलाने में दिक्कत ना आए।
– रोबोट्स ब्लूटूथ और वाई-फाई के जरिए कमांड रिसीव करेंगे। इन्हें रिमोट कंट्रोल की मदद से ऑपरेट किया जाएगा।

– कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर राशिद के मुताबिक, इन रोबोट्स को लाने के बाद मैला ढोने वालों को इन्हें ऑपरेट करना सिखाया जाएगा, जिससे उनकी नौकरी भी नहीं जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here