प्रधानमंत्री मोदी विदेश क्या जाते हैं कि विपक्षी दलों के पेट में दर्द का तूफान उठने लगता है, अक्सर विरोधी यही सवाल उठाते हैं कि आखिर पीएम मोदी इतने विदेश दौरे पर गये लेकिन साथ क्या लाये, आखिर पीएम मोदी के इन दौरों से भारतीयों को क्या फायदा हुआ? कुछ ऐसे ही सवालों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मोदी सरकार में कुछ ऐसा हुआ है कि आप भी इस सरकार की सराहना किये बिना नहीं रह सकते. दरअसल आज हम आपको जो खबर बताने जा रहे हैं वो भारतीय बाजार और रोजगार से जुड़ी हुई है.

दरअसल इलेक्ट्रॉनिक, आईटी और लॉ मिनिस्टर के व्यक्तिगत सचिव सौरभ कुमार ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया जिसके बाद से मोदी सरकार की सराहना हो रही है. इस ट्वीट में उन्होंने 2014 और 2018 के बीच का फर्क बताया है. यह फर्क भारतीय बाजार में विदेशी कम्पनियों के निवेश को लेकर है. यह कंपनी कोई और नहीं बल्कि नामी-गिरामी मोबाइल कम्पनी एप्पल है.

सौरभ कुमार के ट्वीट में लिखा है कि, “मैंने एप्पल फोन पर ‘असेंबल्ड इन इंडिया’ लिखा पाया. जी हाँ ये सही है, चीन के साथ-साथ एप्पल ने अब भारत में भी अपने फोन को असेंबल्ड करना शुरू किया है.” इतना ही नहीं उन्होंने 2014 से 2018 की तुलना करते हुए लिखा कि, “2014 में इस तरह की महज 2 मोबाइल फैक्ट्रीज थी लेकिन अब भारत में 2018 तक 120 ऐसी फैक्ट्रीज आ चुकी हैं, ये भारतीयों के लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर है.”

इन सब बातों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाये गये मेक इन इंडिया जैसी योजना का ही नतीजा है कि आज विदेशी कम्पनियों की फैक्ट्रीज भारत में लगाई जा रही हैं. जिससे वो अपने प्रोडक्ट्स को भारत में ही असेंबल्ड कर रहे हैं. कुछ कम्पनियां तो भारत में ही अपने सामान बनाने लगी हैं. इससे भारतीयों को भी फायदा होता है और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान होते हैं. इन सबसे ये कहा जा सकता है कि पीएम मोदी का रोजगार लाने का सपना कामयाब होता दिखाई दे रहा है.

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प्रधानमंत्री मोदी विदेश क्या जाते हैं कि विपक्षी दलों के पेट में दर्द का तूफान उठने लगता है, अक्सर विरोधी यही सवाल उठाते हैं कि आखिर पीएम मोदी इतने विदेश दौरे पर गये लेकिन साथ क्या लाये, आखिर पीएम मोदी के इन दौरों से भारतीयों को क्या फायदा हुआ? कुछ ऐसे ही सवालों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मोदी सरकार में कुछ ऐसा हुआ है कि आप भी इस सरकार की सराहना किये बिना नहीं रह सकते. दरअसल आज हम आपको जो खबर बताने जा रहे हैं वो भारतीय बाजार और रोजगार से जुड़ी हुई है.

दरअसल इलेक्ट्रॉनिक, आईटी और लॉ मिनिस्टर के व्यक्तिगत सचिव सौरभ कुमार ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया जिसके बाद से मोदी सरकार की सराहना हो रही है. इस ट्वीट में उन्होंने 2014 और 2018 के बीच का फर्क बताया है. यह फर्क भारतीय बाजार में विदेशी कम्पनियों के निवेश को लेकर है. यह कंपनी कोई और नहीं बल्कि नामी-गिरामी मोबाइल कम्पनी एप्पल है.

सौरभ कुमार के ट्वीट में लिखा है कि, “मैंने एप्पल फोन पर ‘असेंबल्ड इन इंडिया’ लिखा पाया. जी हाँ ये सही है, चीन के साथ-साथ एप्पल ने अब भारत में भी अपने फोन को असेंबल्ड करना शुरू किया है.” इतना ही नहीं उन्होंने 2014 से 2018 की तुलना करते हुए लिखा कि, “2014 में इस तरह की महज 2 मोबाइल फैक्ट्रीज थी लेकिन अब भारत में 2018 तक 120 ऐसी फैक्ट्रीज आ चुकी हैं, ये भारतीयों के लिए रोजगार का बेहतरीन अवसर है.”

इन सब बातों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाये गये मेक इन इंडिया जैसी योजना का ही नतीजा है कि आज विदेशी कम्पनियों की फैक्ट्रीज भारत में लगाई जा रही हैं. जिससे वो अपने प्रोडक्ट्स को भारत में ही असेंबल्ड कर रहे हैं. कुछ कम्पनियां तो भारत में ही अपने सामान बनाने लगी हैं. इससे भारतीयों को भी फायदा होता है और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान होते हैं. इन सबसे ये कहा जा सकता है कि पीएम मोदी का रोजगार लाने का सपना कामयाब होता दिखाई दे रहा है.

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