महिलाएं सिंदूर लगाते समय ना करें ये गलतियां, हो सकता है अनिष्ठ…

हिन्दू धर्म पूरी तरह से संस्कृति और परम्पराओं के ऊपर निर्भर है. हिन्दू धर्म में कई ऐसी प्राचीन परम्पराएँ हैं जो सदियों से चली आ रही हैं और जिनका पालन लोग आज भी करते हैं. कहा जाता है कि इन्ही प्राचीन परम्पराओं की वजह से भारत पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाये हुए हैं. हिन्दू धर्म की कुछ प्राचीन का वैज्ञानिक महत्व भी है. हालाँकि बहुत कम लोग ही हैं जो इसके वैज्ञानिक महत्वों के बारे में जानते हैं. ज्यादातर लोग इसे एक रुढ़िवादी परम्परा के तौर पर देखते हैं.

इन्ही में से एक हैं हिन्दू धर्म की शादीशुदा महिलाओं का सिंदूर लगाना. अक्सर आपने हिन्दू धर्म की सभी शादीशुदा महिलाओं को सिंदूर लगाते हुए देखा होगा. हिन्दू धर्म में सिंदूर को सुहाग के प्रतिक के रूप में भी माना जाता है. हिन्दू धर्मशास्त्रों में सिंदूर लगाने को लेकर कई नियम बताये गए हैं. इससे सम्बंधित कई बातों का जिक्र किया गया है, जिनका पालन करने पर महिलाओं के साथ ही उनके परिवार को काफी लाभ मिलता है. जो महिलाएं इनका पालन नहीं करती हैं, उनके जीवन में कई तरह की परेशानियाँ आने की आशंका बढ़ जाती है.

सिंदूर लगते समय हर महिला ध्यान में रखे ये बातें :-

  • भूलकर भी शादीशुदा महिला किसी दूसरी महिला का सिंदूर अपनी मांग में ना भरे. यह अशुभ माना जाता है, इससे पति को धन सम्बन्धी हानि का सामना करना पड़ सकता है.

  • शादीशुदा महिलाओं को हमेशा अपने पैसे से ही सिंदूर खरीदना चाहिए. किसी दूसरी महिला के पैसे से ख़रीदा हुआ सिंदूर नहीं लगाना चाहिए.
  • अगर कोई व्यक्ति या महिला आपको उपहार में सिंदूर देती है तो उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इसे भी अशुभ माना जाता है.

  • जो महिलाएं धर्मशास्त्रों की इन बातों का पालन करती हैं, उनके जीवन में और उनके पति के जीवन में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आती है. इसके उलट जो महिलाएं धर्मशास्त्रों की इन बातों को मजाक समझकर ऐसा नहीं करती हैं, उनके जीवन में परेशानियों का प्रवेश हो जाता है और उनका जीवन दुखों से भर जाता है.

देखें नीचे दी गई वीडियो. अगर किसी वजह से वीडियो न चले तो वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें !

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here