income-tax-return-will-soon-become-a-lot-easier-with-pre-filled-form-2मोदी सरकार ने फैसला किया है की रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को और ज्यादा सरल बनाया जाये. इस इनकम टैक्स को भरने के लिए अब आपको सिर्फ हस्ताक्षर करने की जरुरत पड़ेगी. बाकी का सारा काम इनकम डिपार्टमेंट में बैठे हुए अधिकारी करेंगे.

जिसका मतलब है की इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपकी इनकम टैक्स रिटर्न भर कर खुद आप तक पहुंचा देगा. अगर आपको उसमे कुछ संसोधन करना जरूरी लगे तो आप उसमे कर पाएंगे. सरकार इसी तरह से अब जीएसटी को भी सरन बनाने की प्रक्रिया पर काम कर रही है.

इस पर टैक्स एक्सपर्ट अभिषेक गोयनका के मुताबिक, “लगभग 80-90% करदाताओं के पास केवल सैलरी की इनकम होती है और बहुत कम लोगों की आय के अन्य स्रोत हैं. प्री-फिल्ड इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म से कंप्लायंस बढ़ जाएगा और छोटे करदाताओं का बोझ कम हो जाएगा.”

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जीएसटीआर-3बी फॉर्म- जीएसटीआर-3बी फॉर्म स्वघोषित रिटर्न दाखिल करने जैसा है इसे संक्षिप्त बिक्री रिटर्न फॉर्म भी कहते हैं. इसमें कुल लेनदेन, बिक्री और खरीदारी व टैक्स का अनुमानित ब्योरा देते हैं. सभी सौदों के अलग विवरण की जरूरत नहीं होती. जीएसटी में पंजीकृत हर कारोबारी को यह फॉर्म अनिवार्य होता है.

टैक्सपेयर को और भी राहत दी- टैक्सपेयर्स 2017-18 के साल के लिए मार्च 2019 तक फाइन के साथ रिटर्न फाइल कर सकते हैं. अगर इसे भरने में 31 अगस्त से ज्यादा देर हो जाती है और दिसंबर के पहले भर देते हैं तो 5000 रुपए फाइन लगेगा. अगर दिसंबर के बाद भरते हैं तो फाइन दोगुना लगेगा. कॉरपोरेट एंटिटीज के इनकम टैक्स फाइल करने में भी इजाफा हुआ है. पिछले साल 7 लाख रिटर्न के मुकाबले इस साल 8 लाख रिटर्न फाइल हुए हैं.

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